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लकवा कà¥à¤¯à¤¾ है? (What is paralysis?)
लकवा यानी पैरलायसिस à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिसमें à¤à¤• या इससे अधिक मांसपेशियां सही तरीके से कारà¥à¤¯ करना बंद कर देती हैं और इससे शरीर के कई कारà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं।
लकवा आमतौर पर मांसपेशियों की समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण नहीं होता है बलà¥à¤•ि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मांसपेशियों को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाने वाली नसों या रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण होता है। इसलिà¤, आमतौर पर लकवा से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं में किसी न किसी तरह का नà¥à¤•सान होता है।
लकवा के पà¥à¤°à¤•ार
लकवा कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¤µà¤¿à¤¶à¥‡à¤· हो सकता है, जिसमें शरीर के विशेष हिसà¥à¤¸à¥‡ जैसे हाथ और चेहरा लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाते है। साथ ही यह सामानà¥à¤¯ à¤à¥€ हो सकता है जिसमें शरीर का à¤à¤• बड़ा हिसà¥à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है।
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के लकवा के लिठअलग-अलग चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है, जैसे:
मोनोपà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ (monoplegia)- इसमें शरीर का केवल à¤à¤• अंग लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होता है।
हेमीपà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ (hemiplegia)- इसमें शरीर के à¤à¤• तरफ का हाथ और पैर लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होते हैं
पैरापà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ (paraplegia)- इसमें दोनों पैर और कà¤à¥€-कà¤à¥€ शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ (पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸) और शरीर के कà¥à¤› निचले हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को लकवा मार जाता है
टेटà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ (tetraplegia)- इसमें दोनों बाह और पैर लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाते हैं (इसे कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ कहा जाता है)
लकवा को कैसे वरà¥à¤—ीकृत
किया जाता है, इसके बारे में और पढ़ें।
लकवा के कारण
लकवा आमतौर पर तीन आम कारणों से होता है:
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•
(आघात)
सिर में चोट लगना
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की चोट - रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° का à¤à¤• बंडल है जो रीढ़ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है और शरीर की मांसपेशियों को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद करती है
मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² सà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸
(multiple sclerosis)
कà¤à¥€-कà¤à¥€ लकवा कई अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं जैसे सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥à¤¸à¥€
और गà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ बेरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®
के कारण à¤à¥€ हो सकता है।
लकवा के कारण
के बारे में और पढ़ें।
लकवा के साथ जीना (Living with paralysis)
आमतौर पर लकवा का पà¥à¤°à¤•ार और इसका सà¥à¤¤à¤° वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के जीवन और रोज़मरà¥à¤°à¤¾ की गतिविधियों पर इसके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करता है।
जैसे, यदि à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर का निचला अंग लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ (पैरापà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾) है तो वह वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके अपना दैनिक कारà¥à¤¯ कर सकता है और सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ जीवन जी सकता है।
हालांकि बांह और पैर दोनों से लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ (टेटà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾/कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾) को हमेशा किसी के मदद की जरूरत पड़ती है और वह बिना किसी देखà¤à¤¾à¤²à¤•रà¥à¤¤à¤¾ के नहीं रह सकता है।
लकवा के कारण कई दूसरी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती हैं जैसे यूरिनरी इनकॉनà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥‡à¤‚स
(पेशाब को न रोक पाना) और बाउल इनकॉनà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥‡à¤‚स
( मलाशय से मल लीक हो जाना)। यह महिला और पà¥à¤°à¥à¤· दोनों में यौन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है।
कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को छोड़कर आमतौर पर वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में लकवा का कोई इलाज मौजूद नहीं है। इसलिठसà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ लकवा के मामले में इलाज का निमà¥à¤¨ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ होता है:
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को यथासंà¤à¤µ सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° रूप से जीने में मदद करना
लकवा से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ किसी à¤à¥€ संबंधित जटिलताओं, जैसे कि पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° अलà¥à¤¸à¤°
(घाव जो ऊतक के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर बहà¥à¤¤ अधिक दबाव के कारण विकसित होते हैं) के बारे में बताना
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और आंत से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ परेशानियों के बारे में बताना
लकवा के कारण होने वाली à¤à¤‚ठन और जटिलताओं का इलाज
मोबिलिटी à¤à¤¡, जैसे कि वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° और ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤¸, लकवा से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की मदद कर सकते हैं।
मैनà¥à¤…ल वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° उन लोगों के लिठबने होते हैं जिनके शरीर का ऊपरी हिसà¥à¤¸à¤¾ पूरी तरह सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होता है। जबकि इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• हà¥à¤µà¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° उन लोगों के लिठडिजाइन किया होता है जिनके शरीर के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ की मांसपेशियां कमजोर होती हैं या सà¤à¥€ चारों अंग लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होते हैं।
वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° और मोबिलिटी सà¥à¤•ूटर के बारे में और पढ़ें।
ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤¸, वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° का à¤à¤• विकलà¥à¤ª है। वे धातॠया पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• से बने बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥‡à¤œà¤¼ हैं और à¤à¤• अंग के कारà¥à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने और मांसपेशियों की कमजोरी को दूर करने के लिठडिज़ाइन किठगठहैं।
लकवा के इलाज
और लकवा की जटिलताओं
के बारे में और पढ़ें।
लकवा à¤à¤• असामानà¥à¤¯ और पीड़ादायक अनà¥à¤à¤µ है। लकवा से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ अधिकांश लोगों को अवसाद
का à¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ होता है।
हालांकि रिसरà¥à¤š के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, लकवा से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ बहà¥à¤¤ से लोग सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° खà¥à¤¦ को ढाल लेते हैं।
लकवा के लकà¥à¤·à¤£ (Symptoms of paralysis)
लकवा को कई पà¥à¤°à¤•ार से वरà¥à¤—ीकृत किया जाता है। जैसे कि यह लोकेलाइजà¥à¤¡ हो सकता है जो शरीर के विशेष हिसà¥à¤¸à¥‡ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। साथ ही यह जनरलाइजà¥à¤¡ à¤à¥€ हो सकता है जो शरीर के बड़े हिसà¥à¤¸à¥‡ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है।
लोकेलाइजà¥à¤¡ और जनरलाइजà¥à¤¡ लकवा (localised and generalised paralysis)
लोकेलाइजà¥à¤¡ पैरालिसिस में शामिल है:
फेशियल पैरालिसिस- आमतौर पर चेहरे के à¤à¤• तरफ लकवा मारना
हाथ में लकवा मारना
वोकल कॉरà¥à¤¡ का लकवा-वोकल कॉरà¥à¤¡à¥à¤¸ ऊतक और मांसपेशियों के बैंड होते हैं जो बोलने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजाते हैं; लकवा आमतौर पर केवल à¤à¤• वोकल कॉरà¥à¤¡ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है जिसका अरà¥à¤¥ है कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ बोलने में सकà¥à¤·à¤® होता है लेकिन उनकी आवाज करà¥à¤•श या तेज हो सकती है
जनरलाइजà¥à¤¡ पैरालिसिस में शामिल है:
मोनोपà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ (monoplegia)- इसमें केवल à¤à¤• अंग लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होता है
हेमीपà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ (hemiplegia)- इसमें शरीर के à¤à¤• तरफ का हाथ और पैर लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होता है
पैरापà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ (paraplegia)- इसमें दोनों पैरों में लकवा मारता है या कà¤à¥€-कà¤à¥€ पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ या शरीर के कà¥à¤› निचले अंग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं
टेटà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ (tetraplegia/quadriplegia) (इसे कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ कहते हैं)- इसमें दोनों हाथ और पैर लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होते हैं
असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ और सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ लकवा (Temporary and permanent paralysis)
लकवा या तो असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ या सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ हो सकता है।
बेल पालà¥à¤¸à¥€
असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ लकवा का à¤à¤• आम कारण है जिससे असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ फेशियल पैरालिसिस हो सकता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के बाद होने वाला लकवा à¤à¥€ असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ हो सकता है।
गंà¤à¥€à¤° चोट जैसे टूटी हà¥à¤ˆ गरà¥à¤¦à¤¨ के कारण होने वाला लकवा, आमतौर पर सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ होता है।
आंशिक या पूरà¥à¤£ लकवा (Partial or complete paralysis)
लकवा हो सकता है:
आंशिक (partial)- इसमें कà¥à¤› मांसपेशियां काम नहीं करती हैं और सनसनाहट का अनà¥à¤à¤µ होता है, जैसे, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपना à¤à¤• पैर हिला सकता है जबकि दूसरा नहीं, या उसे ठंडा या गरà¥à¤® जैसा सनसनाहट का अनà¥à¤à¤µ होता है
पूरà¥à¤£ (complete)- इसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की कोई à¤à¥€ मांसपेशियां काम नहीं करती हैं और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अंगों में सनसनाहट होती है
सà¥à¤ªà¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• या फà¥à¤²à¥ˆà¤¸à¤¿à¤¡ पैरालिसिस (Spastic or flaccid paralysis)
लकवा निमà¥à¤¨ तरह का हो सकता है:
सà¥à¤ªà¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• (Spastic) - इसमें पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अंगों की मांसपेशियां अकड़ जाती हैं या à¤à¤‚ठन महसूस होता है और मांसपेशियों के हलचल पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का नियंतà¥à¤°à¤£ नहीं होता हैं (सà¥à¤ªà¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• पैरापà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾
के बारे में पढ़ें)
फà¥à¤²à¥ˆà¤¸à¤¿à¤¡ (flaccid)- इसमें पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अंगों की मांसपेशियां बेडौल और कमजोर हो जाती हैं। फà¥à¤²à¥ˆà¤¸à¤¿à¤¡ पैरालिसिस में मांसपेशियां सिकà¥à¤¡à¤¼ जाती हैं।
सà¥à¤ªà¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• पैरालिसिस से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ लोगों में à¤à¤‚ठन (अनैचà¥à¤›à¤¿à¤• मांसपेशी संकà¥à¤šà¤¨) के साथ मांसपेशियों में कमजोरी का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है। जबकि फà¥à¤²à¥ˆà¤¸à¤¿à¤¡ लकवा से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को आमतौर पर à¤à¤‚ठन के बिना मांसपेशियों में कमजोरी का अनà¥à¤à¤µ होता है।
मोटर नà¥à¤¯à¥‚रॉन
डिजीज या सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥à¤¸à¥€
जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के मामले में सà¥à¤ªà¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• पैरालिसिस और फिर इसके बाद फà¥à¤²à¥ˆà¤¸à¤¿à¤¡ पैरालिसिस का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है।
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की चोट का सà¥à¤¤à¤° (Levels of spinal cord injury)
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की चोट का आकलन करते समय यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया जाता है कि रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में चोट कहाठपर लगी है, और इससे संबंधित तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा और मांसपेशियां कितनी बà¥à¤°à¥€ तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हà¥à¤ˆ हैं।
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ को कशेरà¥à¤• (डिसà¥à¤• के आकार की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जो रीढ़ और गरà¥à¤¦à¤¨ को सहायता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती हैं) के आधार पर à¤à¤• संखà¥à¤¯à¤¾ और अकà¥à¤·à¤° पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का उपयोग करके मापा जाता है।
रीढ़ कà¥à¤² 24 कशेरà¥à¤•ों से मिलकर बनी होती है, जिसमें निमà¥à¤¨ शामिल हैं:
गरà¥à¤¦à¤¨ में सात सरà¥à¤µà¤¿à¤•ल कशेरà¥à¤• - इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ C1 से C7 के रूप में मापा जाता है
छाती कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में 12 थोरैसिक कशेरà¥à¤• - इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ टी 1 से टी 12 के रूप में मापा जाता है
पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में पांच लंबर कशेरà¥à¤•ा - इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ L1 से L5 के रूप में मापा जाता है
C1 और C7 के बीच रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में चोट से पीड़ित लोगों को सà¤à¥€ चार अंगों (टेटà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾) में लकवा लगने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है।
लकवा के सà¥à¤¤à¤° और बाद में मांसपेशियों के कारà¥à¤¯ में कमी इस बात पर निरà¥à¤à¤° करती है कि चोट कितनी अधिक थी। जैसे:
C1-C4 रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में चोट से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के अंगों में बहà¥à¤¤ कम या कोई à¤à¥€ हलचल या गति नहीं होगी और वह केवल अपने सिर और कंधों को हिला पाà¤à¤—ा।इसके अलावा उसे सांस लेने के लिठवेंटिलेटर की à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ सकती है।
C7 रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की चोट से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपनी कोहनी को फैला सकता है और उसकी उंगलियों में कà¥à¤› गति हो सकती है
T2-T12 रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की चोट से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर के ऊपरी आधे हिसà¥à¤¸à¥‡ की मांसपेशियां पूरी तरह कारà¥à¤¯ करती हैं लेकिन निचले अंगों की मांसपेशियां कारà¥à¤¯ नहीं करती हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
L1-L5 की चोट से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के कूलà¥à¤¹à¥‡, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ और पैरों में सीमित गति हो सकती है, लेकिन चलने फिरने के लिठवà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° या वॉकिंग फà¥à¤°à¥‡à¤® की जरूरत पड़ सकती है।
लकवा के कारण (Causes of paralysis)
लकवा सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, सिर पर चोट लगने, रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में चोट लगने और मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² सà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ इन चार आम कारणों से होता है।
आघात (Stroke)
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ है। यह आमतौर पर तब होती है जब मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में खून की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बाधित हो जाती है।
अनà¥à¤¯ अंगों की तरह मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को सही तरीके से काम करने के लिठलगातार रकà¥à¤¤ के आपूरà¥à¤¤à¤¿ की जरूरत पड़ती है जिसमें ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ और पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ होती है।
जब मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बाधित हो जाती है तो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की कोशिकाà¤à¤‚ नषà¥à¤Ÿ होने लगती हैं जिसके कारण मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• डैमेज हो जाता है और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को लकवा लग जाता है।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•
के बारे में और पढ़ें।
सिर की चोट (Head injury)
सिर में गंà¤à¥€à¤° चोट लगने के कारण मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• डैमेज हो जाता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की परत में खरोंच या चोट के कारण रकà¥à¤¤ वाहिनियां और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाà¤à¤‚ डैमेज हो जाती हैं।
सिर में गंà¤à¥€à¤° चोट लगने के कारण विशेष मांसपेशियों को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने वाला मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ डैमेज हो जाता है। इससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का बायां हिसà¥à¤¸à¤¾ डैमेज होने पर शरीर के दायां हिसà¥à¤¸à¤¾ लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाता है और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का दायां हिसà¥à¤¸à¤¾ डैमेज होने पर शरीर का बायां हिसà¥à¤¸à¤¾ लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाता है।
सिर के गंà¤à¥€à¤° चोट के बारे में और पढ़ें।
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में चोट
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° का हिसà¥à¤¸à¤¾ है। यह नसों का à¤à¤• मोटा बंडल है जो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से, गरà¥à¤¦à¤¨ और रीढ़ से कशेरà¥à¤• से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है।
इसका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारà¥à¤¯ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और शरीर से संकेतों को à¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ है। उदाहरण के लिà¤, रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा संकेतों से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥€ है, जैसे कि गरà¥à¤® या ठंडा महसूस होना।
यदि गरà¥à¤¦à¤¨ या रीढ़ घायल हो जाती है, तो रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ à¤à¥€ कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो सकती है। इसका मतलब है कि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• अब मांसपेशियों को संकेत नहीं à¤à¥‡à¤œ पाà¤à¤—ा। जिससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो सकता है।
जिस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर रीढ़ की चोट होती है, उस पर सबेस अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है । इससे यह होता है कि लवका कितना गंà¤à¥€à¤° और वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• है। रीढ़ की चोट जितनी अधिक होगी, उतना ही अधिक लकवा होगा।
उदाहरण के लिà¤, रीढ़ के बीच की चोट से आमतौर पर पैरापà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ (निचले अंगों का लकवा) हो सकता है। गरà¥à¤¦à¤¨ की चोट, जैसे कि टूटी हà¥à¤ˆ गरà¥à¤¦à¤¨, आमतौर पर टेटà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ (सà¤à¥€ चार अंगों में लकवा, जिसे कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ कहा जाता है ) के कारण हो सकता है। साथ ही फेफड़े के सामानà¥à¤¯ कारà¥à¤¯ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं, जिसका अरà¥à¤¥ है कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सांस लेने के लिठवेंटिलेटर का उपयोग करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी ।
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की चोट का सà¥à¤¤à¤° कैसे निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया जाता
है, इसके बारे में और पढ़ें।
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की चोट के सबसे आम कारण हैं:
मोटर वाहन दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾
काम करते समय दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾
खेल या अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार की गतिविधि के दौरान दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾
गिरना
चोट के बजाय बीमारी के कारण रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होना
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ और जवान लोगों में रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की अधिकांश चोटें होती हैं (जो सà¤à¥€ मामलों का 80% हिसà¥à¤¸à¤¾ होती हैं।) सà¤à¥€ रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की चोटों का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ आधा हिसà¥à¤¸à¤¾ उन लोगों में होता है जो 16-30 वरà¥à¤· की आयॠके हैं।
मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² सà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (multiple sclerosis)
मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² सà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (MS) à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिसमें रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा फाइबर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ से कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाते हैं।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ गलती से माइलिन नामक पदारà¥à¤¥ पर हमला करती है, जो तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤“ं को घेर लेती है और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा संकेतों के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤°à¤£ में मदद करती है। à¤à¤®à¤à¤¸ में, तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤“ं के आसपास माइलिन कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाता है, जो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से और आने वाले संदेशों को बाधित करता है। इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प लकवा लग सकता है।
मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² सà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸
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लकवा के कम सामानà¥à¤¯ कारण (Less common causes of paralysis)
लकवा के कम सामानà¥à¤¯ कारणों के बारे में नीचे दिया गया है।
कैंसर (Cancer)
कैंसर मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में विकसित होने वाले कैंसर, जैसे कि बà¥à¤°à¥‡à¤¨ टà¥à¤¯à¥‚मर
, आमतौर पर शरीर के à¤à¤• तरफ लकवा का कारण बन सकते हैं।
कैंसर (मेटासà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¤¿à¤¸) शरीर के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• या रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में फैल सकता है, जिससे लकवा लग सकता है।
सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥à¤¸à¥€ (cerebral palsi)
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• पकà¥à¤·à¤¾à¤˜à¤¾à¤¤ सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥à¤¸à¥€ नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ (मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले) हैं जो à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ की गति और समनà¥à¤µà¤¯ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती हैं।
सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥à¤¸à¥€ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• कà¥à¤·à¤¤à¤¿ के कारण होती है जो आमतौर पर जनà¥à¤® के पहले या उसके बाद होती है। सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥à¤¸à¥€ के कà¥à¤› संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारणों में शामिल हैं:
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान संकà¥à¤°à¤®à¤£
समय से पहले जनà¥à¤® या जनà¥à¤® देने में परेशानी
बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ
बचà¥à¤šà¥‡ में असामानà¥à¤¯ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• विकास
सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥à¤¸à¥€ के सबसे गंà¤à¥€à¤° पà¥à¤°à¤•ार को सà¥à¤ªà¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ कहा जाता है, इसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के सà¤à¥€ अंगों में मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन (सà¥à¤ªà¤¸à¥à¤Ÿà¥€à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€) इतनी अधिक होती है कि वे उनका उपयोग नहीं कर पाते हैं
सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥à¤¸à¥€
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फà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤°à¤¿à¤• à¤à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ (Friedreich’s ataxia)
फà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤°à¤¿à¤• à¤à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक समसà¥à¤¯à¤¾ है। यह जीन में उतà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤µà¤°à¥à¤¤à¤¨ के कारण होता है जिसे GAA जीन कहा जाता है।
शरीर में उतà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤µà¤°à¥à¤¤à¤¨ के कारण फà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¨ नामक परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ नहीं बनता है फà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¨ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशिकाओं के अंदर आयरन के सà¥à¤¤à¤° को रेगà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ करने में मदद करता है।
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ फà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤¸à¥à¤•िन की कमी के कारण तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशिकाओं के अंदर आयरन और अनà¥à¤¯ विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ बनने लगते हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डैमेज कर देते हैं।
फà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤°à¤¿à¤• à¤à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित कई लोग अपने पैरों में धीरे-धीरे लकवा बढ़ने का अनà¥à¤à¤µ करते हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अंततः वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° या किसी अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार के मोबिलिटी à¤à¤¡à¥à¤¸ का उपयोग करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
गà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¨-बेरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (Guillain-Barre syndrome)
गà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¨-बेरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® पेरिफेरल नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® के डैमेज होने के कारण होने वाली à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ बीमारी है। पेरिफेरल नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं का नेटवरà¥à¤• है जो शरीर की इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और हलचल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है।
गà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¨-बेरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® में, शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ पेरिफेरल नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® की नसों पर हमला करती है, जिसके कारण उनमें सूजन हो जाती है।
इस तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कà¥à¤·à¤¤à¤¿ के कारण हाथ, पैर और चेहरे में सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ और सनसनाहट का अनà¥à¤à¤µ होता है, जिससे हाथ, पैर और चेहरे पर असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ लकवा लग सकता है।
गà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¨-बरà¥à¤°à¥‡ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ अधिकांश लोग कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ या महीनों में पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं और किसी अनà¥à¤¯ संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾ का अनà¥à¤à¤µ नहीं करते हैं।
गà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¨-बेरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®
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लाइम रोग (Lyme disease)
लाइम रोग à¤à¤• जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ टिकà¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लोगों में फैलता है।
टिकà¥à¤¸ छोटे कीड़े होते हैं जो मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ सहित सà¥à¤¤à¤¨à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के रकà¥à¤¤ को चूसते हैं। टिकà¥à¤¸ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ छोड़ते हैं जो तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकते हैं, जिससे चेहरे का असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ लकवा हो सकता है।
लाइम रोग
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मोटर नà¥à¤¯à¥‚रॉन रोग (Motor neurone disease)
मोटर नà¥à¤¯à¥‚रॉन रोग (MND) à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤, लाइलाज समसà¥à¤¯à¤¾ है। समय के साथ, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और रीढ़ की नसें धीरे-धीरे कारà¥à¤¯ (नà¥à¤¯à¥‚रोडीजेनेरेशन) करना बंद कर देती हैं।
तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशिकाà¤à¤‚ को मोटर नà¥à¤¯à¥‚रॉन कहा जाता है जो à¤à¤®à¤à¤¨à¤¡à¥€ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती हैं। मोटर नà¥à¤¯à¥‚रॉनà¥à¤¸ विशेष तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशिकाà¤à¤‚ हैं जो सà¥à¤µà¥ˆà¤šà¥à¤›à¤¿à¤• मांसपेशियों के हलचल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती हैं, जैसे चलना। à¤à¤®à¤à¤¨à¤¡à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ मांसपेशियों की कमजोरी का कारण बनता है,जिसके कारण शरीर लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाता है।
मोटर नà¥à¤¯à¥‚रॉन रोग
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सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾ बिफिडा (Spina bifida)
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾ बिफिडा à¤à¤• शबà¥à¤¦ है जो जनà¥à¤® दोष के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। यह रीढ़ और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° के विकास को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है।
मायलोमेनिनगोकेले सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾ बिफिडा का सबसे गंà¤à¥€à¤° पà¥à¤°à¤•ार है, जो हर 1,000 लोगों में से à¤à¤• में होता है। यह तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° को वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है जिसके कारण निचले अंगों में आंशिक या सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ लकवा हो सकता है।
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾ बिफिडा
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लकवा का निदान (diagnosing paralysis)
यदि कारण सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो तो लकवा का निदान आमतौर पर आवशà¥à¤¯à¤• नहीं है। जैसे कि यदि सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के बाद लकवा लगा हो।
यदि लकवा के निदान के लिठजांच की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, तो यह जांच मौजूदा कारणों पर निरà¥à¤à¤° करेंगे।
लकवा का सà¥à¤¤à¤° जानने के लिठआमतौर पर निमà¥à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ किठजाते हैं:
à¤à¤•à¥à¤¸-रे
- इसमें हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सघन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° का चितà¥à¤° लेने के लिठशरीर के जरिठविकिरण की छोटी खà¥à¤°à¤¾à¤• छोड़ी जाती है। à¤à¤•à¥à¤¸-रे आपकी रीढ़ या गरà¥à¤¦à¤¨ में समसà¥à¤¯à¤¾ का आकलन करने का à¤à¤• उपयोगी तरीका हो सकता है
सीटी सà¥à¤•ैन
- इसमें हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और ऊतकों का सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ चितà¥à¤° लेने के लिठकंपà¥à¤¯à¥‚टर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। सिर की गंà¤à¥€à¤° चोट या रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की चोट की मातà¥à¤°à¤¾ का आकलन करने के लिठसीटी सà¥à¤•ैन का उपयोग किया जाता है
à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ सà¥à¤•ैन
- इसमें शरीर के अंदर का विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ चितà¥à¤° लेने के लिठमजबूत चà¥à¤‚बकीय कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° और रेडियो तरंगों का उपयोग किया जाता है। à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ सà¥à¤•ैन मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• कà¥à¤·à¤¤à¤¿ या रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के नà¥à¤•सान का पता लगाने में मदद कर सकता है
माइलोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ - रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤“ं की अधिक विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जाà¤à¤š करने का à¤à¤• तरीका (कंटà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿ डाई नामक à¤à¤• विशेष तरल पदारà¥à¤¥ को नसों में इंजेकà¥à¤Ÿ किया जाता है, जिससे वे à¤à¤•à¥à¤¸-रे, सीटी सà¥à¤•ैन या à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ सà¥à¤•ैन पर बहà¥à¤¤ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से दिखाई देते हैं)
इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ - इसमें मांसपेशियों और नसों में विदà¥à¤¯à¥à¤¤ गतिविधि को मापने के लिठसेंसर का उपयोग किया जाता है; आमतौर पर बेलà¥à¤¸ पालà¥à¤¸à¥€
(चेहरे का लकवा) के निदान के लिठइलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ का उपयोग किया जाता है
लकवा का इलाज (treatment for paralysis)
सà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ पैरालिसिस का कोई इलाज उपलबà¥à¤§ नहीं है। इलाज का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤° बनाकर उसे लकवा के साथ जीवन जीने में मदद करना होता है।
इसके अलावा इलाज का अनà¥à¤¯ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ लकवा के कारण होने वाली सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जटिलातà¤à¤‚ जैसे कि पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° अलà¥à¤¸à¤°
के बारे में मरीज को बताना होता है।
लकवा के लिठइलाज के कई विकलà¥à¤ª और उपाय मौजूद हैं, जिनके बारे में नीचे बताया गया है:
मोबिलिटी à¤à¤¡à¥à¤¸ (mobility aids)
लकवा से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठवà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° जैसे बहà¥à¤¤ से मोबिलिटी à¤à¤¡à¥à¤¸ मौजूद हैं।
वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° (Wheelchairs)
वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से दो पà¥à¤°à¤•ार की होती है:
मैनà¥à¤…ल हà¥à¤µà¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤°- यह à¤à¤¸à¥‡ लोगों के लिठबनी होती है जिनके शरीर के ऊपरी अंगों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤°-यह उन लोगों के लिठहोती है जिनके शरीर के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ की मांसपेशियां कमजोर होती है या जो लोग कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ (चारों अंगों में लकवा लगना) से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होते हैं।
à¤à¤• नठपà¥à¤°à¤•ार की वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° à¤à¥€ मौजूद है जिसे सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤‚डिंग चेयर कहा जाता है। यह वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° की तरह काम करती है लेकिन इस पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ खड़ा à¤à¥€ हो सकता है। यह पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के दरà¥à¤¦ के खतरे को विकसित होने से रोकती है। हालांकि सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤‚डिंग चेयर महंगी है सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤‚डरà¥à¤¡ चेयर से à¤à¤¾à¤°à¥€ है।
ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ (Orthoses)
ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° का à¤à¤• विकलà¥à¤ª है। इसमें पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• या धातॠके बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥‡à¤œ लगते होते हैं जो अंगों के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाते हैं और कमजोर मांसपेशियो को ताकत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं।
ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ के निमà¥à¤¨ उदाहरण हैं:
रिसà¥à¤Ÿ-हैंड आरà¥à¤¥à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸- सही तरीके से काम करने वाली कलाई से लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ ऊंगली में ताकत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
à¤à¤‚कल-फà¥à¤Ÿ आरà¥à¤¥à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸- यह à¤à¤¸à¥‡ लोगों के लिठबना होता है जिनका निचला अंग कà¥à¤› काम करता है और वे अपने पैरों से टहलते समय अपने इन अंगों को हिला सकते हैं।
नी-à¤à¤‚कल-फीट आरà¥à¤¥à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸-यह टेटà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ (शरीर के निचले अंगों में लकवा लकना, जिसे कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ कहा जाता है) से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ लोगों के लिठबना है। इस डिवाइस पर वे अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ और टखनों को सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ करके और टहलते समय अपने पैरों को सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग कर सकते हैं।
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